ਪੰਜਾਬ Wed, 16 Sep 2026 07:26 AM
कनाडा सीमा सेवा एजेंसी ने जबरन वसूली और संगठित आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामलों में पंजाब के पलविंदर सिंह, जसमेर सिंह, अमितोज बाजवा और साहिबजोत सिंह को कनाडा से निर्वासित किया है।
कनाडाई अधिकारियों के मुताबिक चारों मामले आपराधिक संगठनों, गंभीर अपराध, हथियारों, गोलीबारी या जबरन वसूली से जुड़े हैं।
यह कार्रवाई किसी एक शहर तक सीमित नहीं है। कनाडा में जबरन वसूली के नेटवर्क को तोड़ने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत सितंबर 2026 में अब तक 188 निष्कासन आदेश जारी किए गए और 111 विदेशी नागरिकों को कनाडा से बाहर किया जा चुका है । इनमें प्रशांत क्षेत्र में 91 आदेश जारी कर 58 लोगों को, प्रेयरी क्षेत्र में 47 आदेश जारी कर 30 लोगों को और ग्रेटर टोरंटो क्षेत्र में 50 आदेश जारी कर 23 लोगों को निर्वासित किया गया।
पलविंदर सिंह को 2025 में जबरन वसूली से जुड़ी गोलीबारी की घटना से संबंधित बताया गया है। कनाडा के आव्रजन एवं शरणार्थी बोर्ड ने उसे ऐसे आपराधिक संगठन की सदस्यता से जुड़ा पाया, जिसका संबंध जबरन वसूली से जुड़ी हिंसा से था। इसके बाद उसे कनाडा से निकाल दिया गया।
जसमेर सिंह के मामले में कनाडाई एजेंसी ने स्पष्ट रूप से बताया है कि उसे कनाडा में किसी व्यक्ति को जबरन कैद रखने के अपराध में दोषी ठहराया गया था। इसके बाद आव्रजन एवं शरणार्थी संरक्षण अधिनियम के तहत गंभीर आपराधिकता के आधार पर उसे कनाडा में रहने के लिए अयोग्य पाया गया और निर्वासन आदेश लागू किया गया।
अमितोज बाजवा को ऐसे संगठन की सदस्यता के आधार पर कनाडा में रहने के लिए अयोग्य पाया गया जो आपराधिक गतिविधियों में शामिल था। कनाडाई एजेंसी ने उसे हथियारों से संबंधित गतिविधियों और जबरन वसूली से जुड़ी गोलीबारी के मामले से भी जोड़ा है। इसके बाद उसे कनाडा से बाहर कर दिया गया।
साहिबजोत सिंह भी ऐसे आपराधिक संगठन से जुड़ा विदेशी नागरिक बताया गया है। कनाडाई आव्रजन बोर्ड के समक्ष उसने संगठन की आपराधिक गतिविधियों का हिस्सा रहे अपराधों को स्वीकार किया। इसके बाद उसे कनाडा से निर्वासित कर दिया गया।