रॉन्ग साइड से आई मौत: पंजाब में एक ही परिवार के तीन लोगों की जान गई, हादसे में तीन मासूम बेटियां घायल

ਪੰਜਾਬ Mon, 06 Jul 2026 09:30 AM


रॉन्ग साइड से आई मौत: पंजाब में एक ही परिवार के तीन लोगों की जान गई, हादसे में तीन मासूम बेटियां घायल

जालंधर-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे में एक हंसता-खेलता परिवार तबाह हो गया। बिधीपुर स्थित आईटीबीपी कैंप फ्लाईओवर के पास गलत दिशा से आ रही एक तेज रफ्तार इनोवा कार ने सामने से आ रही स्विफ्ट कार को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई, जबकि तीन मासूम बच्चियां गंभीर रूप से घायल हैं।

गलत साइड से आ रही मौत ने उजाड़ा परिवार

मिली जानकारी के अनुसार, स्विफ्ट कार में सवार परिवार अमृतसर से जालंधर की ओर जा रहा था। इसी दौरान अमृतसर की तरफ से ही गलत साइड (रॉन्ग साइड) से आ रही एक अनियंत्रित इनोवा कार ने उन्हें सामने से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्विफ्ट कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी लोग अंदर ही फंस गए।

हादसे की सूचना मिलते ही सड़क सुरक्षा फोर्स और एम्बुलेंस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को कार से बाहर निकाला और इलाज के लिए करतारपुर के न्यू ऑर्थो केयर अस्पताल पहुंचाया।

इलाज के दौरान तीन ने तोड़ा दम, तीन बच्चियां घायल

अस्पताल में इलाज के दौरान जख्मों का ताव न सहते हुए 27 वर्षीय प्रियंका तिवारी ने दम तोड़ दिया। इसके कुछ ही समय बाद प्रियंका के पति सुरिंदर शुक्ला (29) और उनकी 65 वर्षीय सास जमवंती की भी मौत हो गई। इस हादसे में दंपति की तीन मासूम बेटियां- अंशिका (13), अर्पिता (8) और महज एक वर्ष की मानवी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा है।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

घटना के बाद एसएसएफ टीम ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटाकर यातायात बहाल कराया। इस मामले की सूचना थाना करतारपुर पुलिस को दे दी गई है। वहीं, मृतकों के परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि इतना बड़ा और भयानक हादसा होने के बावजूद पुलिस ने अब तक मामला दर्ज नहीं किया है। उन्होंने रोष जताते हुए प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई और न्याय की मांग की है। 

सड़क सुरक्षा फोर्स ने घायलों को अस्पताल जरूर पहुंचाया लेकिन करतारपुर पुलिस ने रोड क्लियर करवाने के लिए कोई  उचित कदम नहीं उठाया।  

मृतक की बहन माया शुक्ला ने आरोप लगाया कि सुबह हादसा हुआ था, पूरा परिवार डेरा ब्यास जा रहा था जिसमें उनकी मां भी थी। हादसे के बाद पुलिस ने कार्रवाई के नाम पर सिर्फ टालमटोल किया और देर रात तक कंप्लेंट नहीं लिखी गई।  माया ने कहा कि सुरेंद्र शुक्ला ही पूरे परिवार में कमाने वाले थे। हादसे में दो भतीजियों की दोनों टांगें टूट गई है और एक का एक पैर टूटा है जिसे ठीक होने में लंबा समय लग जाएगा। परिवार को संभालने वाला कोई नहीं बचा। पुलिस को कार्रवाई के लिए कहा तो कंप्लेंट देने की बात कह कर इधर-उधर घुमाते रहे।

गलतसाइड से आ रही जिस इनोवा की टक्कर से हादसा हुआ उसे पुलिस अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार कर दूसरी ओर आने की बात कह रही है जबकि ऐसा नहीं हुआ है। पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में है क्योंकि बार-बार कर चालक और मालिक का नाम पूछते रहे पर पुलिस ने कुछ भी नहीं बताया।

ड्यूटी अफसर पप्पू गिल से हादसे और कार्रवाई को लेकर जब सवाल किया तो उन्होंने कहा कि सुबह घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया था जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वाहनों को साइड में करवा दिया था।

इनोवा की गलत साइड से आने के परिवार के आरोपी पर पुलिस ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है लेकिन दोनों वाहनों की टक्कर आमने-सामने हुई है। जिसमें प्रथम दृष्टया इनोवा कर चालक की गलती सामने आई है जो  हादसे में घायल हुआ था उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनोवा चालक की पहचान मुकेश चोपड़ा पुत्र इंद्र पाल चोपड़ा निवासी सेंट्रल टाउन जालंधर के रूप में हुई है और गाड़ी जानकी पत्नी इंद्रपाल चोपड़ा के नाम पर दर्ज है।

देर रात तक पुलिस ने पीड़ित परिवार के बयान दर्ज नहीं किए थे।

पीड़ित परिवार की माने तो पुलिस ने जो शिकायत दी थी उसमें इनोवा कार को डिवाइडर पारकर दूसरी साइड आने से हादसा लिखा था। जिस पर पीड़ित परिवार ने  हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने सड़क सुरक्षा फोर्स के अधिकारी से बात की थी तो उन्होंने कहा था कि इनोवा गलत साइड से आ रही थी जिस वजह से हादसा हुआ है और अब पुलिस कुछ और ही बयान लिख रही है। सड़क सुरक्षा फोर्स के अधिकारी इंचार्ज सुखपाल सिंह से हुई बात की रिकॉर्डिंग भी हमारे पास है।

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