ਪੰਜਾਬ Mon, 06 Jul 2026 09:24 AM
होशियारपुर स्थित केंद्रीय जेल में नशा और मोबाइल फोन तस्करी का एक चर्चित मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट हरभजन सिंह को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी जेल में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में हरभजन सिंह की गिरफ्तारी से पहले ही 12 अन्य लोगों को पकड़ा जा चुका है। जांच एजेंसियां इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। यह पूरा प्रकरण तब सुर्खियों में आया जब जेल से रिहा हुए मनप्रीत सिंह मन्ना का एक वीडियो वायरल हुआ। मनप्रीत सिंह मन्ना ने अपने वीडियो में गंभीर आरोप लगाए थे। उसने बताया कि जेल के भीतर डिप्टी जेल सुपरिंटेंडेंट उस पर नशा पहुंचाने के लिए दबाव बनाते थे। मनप्रीत ने यह भी आरोप लगाया कि उसे इस काम के लिए प्रताड़ित भी किया जाता था। इन आरोपों के बाद मामले की गंभीरता बढ़ गई थी।
विशेष जांच दल की कार्रवाई
मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। एसआईटी ने करीब तीन सप्ताह तक इस मामले की विस्तृत तफ्तीश की। इस जांच के दौरान टीम को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले। एसआईटी को लाखों रुपये के संदिग्ध लेन-देन के प्रमाण भी प्राप्त हुए हैं। ये प्रमाण जेल के भीतर चल रहे अवैध कारोबार की पुष्टि करते हैं।
जेल में अवैध गतिविधियों पर शिकंजा
हरभजन सिंह की गिरफ्तारी को जेल प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। यह घटना जेलों में व्याप्त भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों को उजागर करती है। पुलिस और प्रशासन अब इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं। इस कार्रवाई से जेलों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता महसूस हुई है। अधिकारियों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का संकल्प लिया है।