ਪੰਜਾਬ Sat, 11 Jul 2026 09:44 AM
पंजाब कांग्रेस में बागी नेताओं का नेतृत्व कर रहे पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी आज पार्टी के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल से मुलाकात करेंगे। इससे पहले शुक्रवार को भी चन्नी बघेल से मिलने नहीं पहुंचे। चन्नी खेमे के अधिकतर वरिष्ठ नेताओं, पूर्व मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और पूर्व विधायकों ने भी बघेल से दूरी बनाए रखी है। प्रदेश प्रभारी ने खुद चन्नी को फोन कर उनके साथ चाय पर मुलाकात की इच्छा जताई, जिस पर चन्नी सहमत हो गए।
आज बघेल विधायक राणा गुरजीत सिंह के आवास पर पहुंचेंगे, जहां उनकी पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा से मुलाकात होगी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग मौजूद नहीं रहेंगे।
हाईकमान से मुलाकात के लिए भी लामबंदी तेज
उधर, चन्नी समर्थकों ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने के लिए पार्टी हाईकमान पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है। साथ ही, हाईकमान से मुलाकात के लिए भी लामबंदी तेज कर दी गई है। पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रहे बूटा सिंह के परिवार ने भी चन्नी का समर्थन करते हुए हाईकमान से मांग की है कि चन्नी पंजाब में कांग्रेस का बड़ा दलित चेहरा हैं, इसलिए विधानसभा चुनाव उनके नेतृत्व में ही लड़ा जाना चाहिए।
बघेल ने साफ किया पार्टी का रुख
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर बढ़ते दबाव के बीच चन्नी से प्रस्तावित मुलाकात से पहले प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने पार्टी का रुख स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने दो टूक कहा कि कांग्रेस विधानसभा चुनाव से पहले किसी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं करेगी और न ही प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को बदला जाएगा। बघेल के इस स्पष्ट रुख के बाद शनिवार को चन्नी के साथ होने वाली बैठक के नतीजों को लेकर संशय पैदा हो गया है, क्योंकि बागी गुट की प्रमुख मांगें इन्हीं दोनों मुद्दों से जुड़ी हुई हैं।