ਰਾਸ਼ਟਰੀ Sat, 06 Dec 2025 01:21 PM
झांसी, 6 दिसंबर (भोगपुर हैडलाइन): झांसी के प्रेमनगर थाना इलाके के हंसारी मोहल्ला स्थित ससुराल में शुक्रवार सुबह ललिता उर्फ राधिका (23) ने फंदा लगाकर जान दे दी। उसके पति की दो माह पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इस गम को वह बर्दाश्त नहीं कर पाई।
सात माह पहले उसकी शादी हुई थी। राधिका ने आत्मघाती कदम उठाने से पहले एक पेज लंबा सुसाइड नोट भी लिखा। परिवार वालों से माफी मांगते हुए उसने लिखा कि उन्होंने उसके लिए दुनिया का सबसे बेहतर पार्टनर चुना मगर उसकी ही किस्मत बुरी थी। उसकी मौत से परिवार में रोना पिटना मचा है।
कानपुर नगर निवासी राधिका उर्फ ललिता (23) की शादी 13 अप्रैल 2025 को प्रेमनगर के हंसारी निवासी विशाल यादव से हुई थी। विशाल बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था। शादी के बाद से दोनों बहुत खुश थे। छुट्टियों में मनाली जाने की तैयारी थी।
अचानक अक्तूबर में विशाल को घर में हार्ट अटैक आया। परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, मगर उसकी मौत हो गई। पति की असामयिक मौत राधिका बर्दाश्त नहीं कर सकी। वह गम में डूब गई। परिजनों ने बताया कि वह ठीक से खाना नहीं खाती थी।
नहाने के लिए ऊपर गई थी राधिका
कमरा बंद करके घंटों विशाल को याद कर सिर्फ रोती रहती थी। शुक्रवार सुबह सात बजे राधिका नहाने के लिए ऊपर वाले कमरे में गई थी। कई घंटे तक वह नीचे नहीं आई। परिजन जब पहुंचे तो दरवाजे की कुंडी अंदर से बंद थी।
खिड़की से देखने पर वह पंखे पर साड़ी से फंदा बनाकर लटकी दिखी। यह देख वहां चीख-पुकार मच गई। परिवार के लोगों ने आसपास के लोगों की मदद से दरवाजा तोड़कर उसे फंदे से नीचे उतारा। उसे लेकर मेडिकल अस्पताल पहुंचे।
रेलवे में नौकरी करते हैं राधिका के ससुर एवं देवर
यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। राधिका के ससुर एवं देवर रेलवे में नौकरी करते हैं। सीओ रामवीर सिंह का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया है।
आपने दुनिया का सबसे बेहतर जीवनसाथी चुना, मगर मेरी किस्मत बुरी थी...
राधिका ने भावुक कर देने वाला सुसाइड नोट लिखा। उसने परिजनों से अपना दुख साझा करते हुए लिखा कि मैंने खुद को मजबूत बनाने की बहुत कोशिश की पर मैं नहीं कर पा रही थी। हर दिन खुद को विश्वास दिलाना पड़ता है कि वो नहीं है मेरे पास और न ही आएंगे लौटकर।
मेरे पास कोई विकल्प नहीं कि मैं खुद को जीने के लिए प्रेरित करूं। भइया, आपने दुनिया का सबसे बेहतर जीवनसाथी चुना था मेरे लिए पर मेरी ही किस्मत बुरी थी कि मेरी सारी खुशियां छीन ले गई। उसने आखिरी में अपनी दोनों बहनों से निवेदन किया कि रक्षाबंधन के दिन भाइयों को राखी बांधने जरूर से जाएं। आखिरी में उसने सबसे माफी मांगी।