ਰਾਸ਼ਟਰੀ Fri, 26 Sep 2025 07:26 AM
केंद्र सरकार ने लद्दाख के जाने-माने पर्यावरणविद और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के नेतृत्व वाली संस्था स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) का विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के तहत मिला लाइसेंस रद्द कर दिया है।सरकार के आदेश के अनुसार, संस्था अब विदेश से चंदा या किसी भी तरह की आर्थिक सहायता प्राप्त नहीं कर सकेगी। लाइसेंस रद्द किए जाने के पीछे क्या कारण हैं, इस बारे में फिलहाल आधिकारिक तौर पर विस्तार से जानकारी नहीं दी गई है।
1988 में ने की थी वांगचुक
गौरतलब है कि स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख की स्थापना 1988 में सोनम वांगचुक ने की थी। यह संस्था लद्दाख में शिक्षा सुधार, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए काम करती रही है। सरकार के इस कदम के बाद लद्दाख में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। सोनम वांगचुक पहले से ही लद्दाख की पर्यावरणीय और संवैधानिक मांगों को लेकर चर्चा में बने हुए हैं।