ਮਨੋਰੰਜਨ Thu, 31 Jul 2025 01:58 PM
कुछ फिल्में और कहानियां समय से आगे की होती हैं। वो जब पर्दे पर आती हैं, तो दर्शकों पर तत्काल उसका असर कम होता है। लेकिन जैसे-जैसे वक्त बीतता है, ये फिल्में और ऐसी कहानियां 'क्लासिक कल्ट' बन जाती हैं। साल 1980 में एक ऐसी ही रोमांटिक-थ्रिलर फिल्म आई, जिसे पहले हफ्ते में ही बॉक्स ऑफिस पर धूल फांकनी पड़ी। लोगों ने इसके गानों को तो बहुत पसंद किया, लेकिन फिल्म को खारिज कर दिया। पर इसके बाद जो हुआ वो इतिहास बन गया। यह फिल्म थी सुभाष घई के डायरेक्शन में बनी 'कर्ज', जिसमें ऋषि कपूर और टीना मुनीम लीड रोल में थे। सिमी गरेवाल ने इसमें कामिनी वर्मा का ऐसा किरदार निभाया, जो आज भी याद किया जाता है। 'कर्ज' वो फिल्म बनी, जिसने देश में पुनर्जन्म वाली फिल्मों की होड़ मचा दी। बावजूद इसके कि यह बॉक्स ऑफिस पर 'औसत' रही थी। हालांकि, पुनर्जन्म के विषय को बॉलीवुड में पहले 'मधुमती' (1958), 'कुदरत' (1981) और 'महबूबा' (1976) जैसी फिल्में बन चुकी थीं। लेकिन 'कर्ज' में हत्या और उसका बदला लेने के लिए पुनर्जन्म ऐसा एंगल था, जिसने उस दौर में हर किसी को दीवाना बना दिया। 'कर्ज' एक ऐसी फिल्म बनी, जिसे दूसरी भाषाओं में भी रीमेक किया गया।